अटूट विश्वास
ईश्वर के प्रति अटूट विश्वास...... एक आस्तिक(जो ईश्वर को मानते है ) और दुसरे नास्तिक(जो ईश्वर को नहीं मानते है।) अगर देखा जाये तो दुनिया में दो प्रकार के लोग होते है – नास्तिक होना भी तब तक बुरा नही है जब तक कि आप दुसरे की भावनाओं को ठेस ना पहुचायें। आस्तिक लोगों में एक अलग ही प्रकार की शक्ति होती है, जिसे श्रृद्धा और विश्वास की शक्ति कहा जा सकता है। फिर चाहे वो किसी भी ईश्वर, मजहब या देवी – देवता को मानते हो । अगर आपके पास ईश्वर विश्वास की ताकत है तो आप इस दुनिया के सबसे खुशहाल व्यक्ति हो सकते है। क्योंकि जिसको ईश्वर में विश्वास होता है, उसी को ईश्वर की प्रेरणा होती है । इसे हम एक छोटी सी कहानी से समझेंगे – समझे आत्मा का संकेत – जो की ईश्वर की प्रेरणा है। एक बार एक बूढी माता माथे पर कपड़े व गहनों की गठरी और साथ में छोटी सी बेटी को लेकर एक गाँव से दुसरे गाँव जा रही थी। चलते चलते वह कुछ ही दूर पहुँची होगी कि पीछे से एक घुड़सवार आया। घुड़सवार को अकेला देख बूढी माता ख़ुशी से बोली – “ बेटा ! आज बहुत धुप है और गर्मी भी बहुत है, यदि तुझे कोई आपत्ति ना हो तो इस गठरी और मेरी बेटी को अपने घोड़े ...