समाज के खिलाफ
समाज
के खिलाफ
आजकल कॉलोनी की
महिलाओं को कुछ नया टॉपिक
मिल गया है। जबसे कॉलोनी
में पटेल साहब
की बहू ने शर्मा जी
की बेटी नैना
को उनके बेटे
के स्कूल में
जॉब करते देखा
है, तब से बस कानाफूसी
जारी है,
'यहां रुक करके
नौकरी क्यों कर
रही है। आखिर
अपने ससुराल में
क्यों नहीं है'
'सुना है उसका
तलाक हो गया है'
'अरे पति भी
क्यों बर्दाश्त करेगा?
यह तो है ही ऐसी'
' शुरू से ही
कैरक्टरलेस हैं। और
इसके
माता-पिता, उनको
तो कोई फर्क
ही नहीं पड़ता'
' हे भगवान! पता
नहीं रात रात भर कहां
घूमती फिरती रहती
है। कल रात को भी
पता नहीं कहां
घूम रही थी। ऐसी बेटी
के माता-पिता
को रोटी कैसे
हजम हो जाती है, समझ
नहीं आता'
' अगर मेरी बेटी
हो तो जान से मार
डालूँ। जिंदगी भर
उसका मुंह ना देखूं'
' एक बार पहले
भी तलाक ले चुकी है
और अब दूसरे
पति के घर से भी
वापस लौट आई'
' हाय राम! दूसरी
शादी भी टूट गई'
' घोर कलयुग है।
शादी नहीं हुई
पैसा कमाने का
साधन हो गया। पहले शादी
करो और फिर तलाक के
नाम पर मोटी कमाई हासिल
कर लो। और चाहिए क्या
ऐसी लड़कियों को'
जितने मुंह उतनी
बातें। सब अपना अपना राग
अलाप रहे हैं।
पर सच्चाई कोई
नहीं जानता। कुछ
बातें नैना के कानों में
भी पहुंची, तो
वह पहुँच गई
जवाब देने।
तो चलिए पहले
मिलते हैं नैना
से। नैना शर्मा
जी की बेटी है। शर्मा
जी के परिवार
में उनकी पत्नी
स्नेह लता जी और एक
बेटा अजीत है जो अभी
कॉलेज में पढ़ाई
कर रहा है।
नैना दिखने में
बेहद खूबसूरत और
समझदार है। चार साल पहले
उसकी पढ़ाई पूरी
होते ही शर्मा
जी ने उसकी शादी करवा
दी थी। पर कुछ ही
दिनों बाद उसका
तलाक हो गया।
दरअसल उसके पहले
पति का किसी और के
साथ अफेयर था
लेकिन अपने माता-पिता के
दबाव में आकर उसने शादी
की थी। हालांकि
वह नैना को भी रखने
को तैयार था
लेकिन अपने पुराने
रिलेशनशिप को छोड़ने
को तैयार नहीं
था और यह फैसला नैना
को मंजूर नहीं
था इसलिए उसने
तलाक लेना ही बेहतर समझा
(जो कि गलत भी नहीं
था)।
नैना की दूसरी
शादी अभी पिछले
साल ही हुई थी। यह
रिश्ता उसकी बुआ
ने बताया था।
लेकिन यहां भी किस्मत ने
नैना का साथ नहीं दिया।
उसका पति समीर
एक नंबर का पियक्कड़ और बदतमीज
इंसान था। शराब
पीकर नैना के साथ बदतमीजी
करना, जबरदस्ती करना,
मारना पीटना उसके
लिए बहुत नॉर्मल
सी बात थी।
जब नैना के
सास ससुर से इस बारे
में बात की गई तो
उन्होंने भी बड़ी
बेशर्मी से जवाब दिया था
'अब यह तो
है ही ऐसा। यही तुम्हारी
किस्मत है दूसरी
शादी है, सो तुम्हें निभानी तो
पड़ेगी'
नैना ने बहुत
कोशिश की थी शादी को
संभालने की, पर सामने वाला
ही तैयार ना
हो तो जबरदस्ती
कैसे रिश्ते निभाए।
और वैसे भी
समाज में दूसरी
शादी हो तो लोग ऐसा
सोचते हैं कि अब तो
चाहे कुछ भी हो जाए
लड़की को इसे निभाना ही
पड़ेगा। यही सोच उसके सास-ससुर और
समीर की थी। तो उन्होंने
सुधरने का कोई नाम नहीं
लिया। आखिरकार थक
हार कर भी नैना को
तलाक लेना ही पड़ा।
बस यह दूसरा
तलाक क्या हुआ,
नैना के लिए लोग मुंह
खोलने लगे थे। पहले तलाक
के बाद वह बेचारी थी,
पर दूसरे तलाक
के बाद वह करेक्टरलेस हो गई।
पर आज नैना
ने भी ठान ही लिया
आखिर इन लोगों
को जवाब देना
भी जरूरी है।
कब तक वह यूं ही
बर्दाश्त करती रहेगी।
आखिर अपने लिए
स्टैंड लेना भी जरूरी होता
है। सो वह पहुँच गई
अपने आस-पड़ोस
की आंटियों के
पास, जो उसके और उसके
माता पिता के बारे मे
पंचायत कर रही थी। और
बड़ी विनम्रता के
साथ हाथ जोड़
कर उनसे बात
करने लगी,
" नमस्ते
आंटी, कैसी हैं
आप लोग? बहुत
दिनों बाद देखा
मैंने आप लोगों
को। आजकल आप लोगों की
तबीयत बिल्कुल ठीक
रहती होगी ना।
जाहिर सी बात है क्योंकि
सुना है आजकल मैं आप
लोगों के मनोरंजन
का साधन बनी
हुई हूं। जहां
भी आप लोग इकट्ठे होते
हैं कॉलोनी में,
सब लोग मेरे
ही बारे में
तो बात करते
हैं'
नैना को इस
तरह बोलते देख
कर के सभी एकदम से
झेंप गई। पर नैना का
बोलना जारी रहा,
'आखिरकार मेरी दूसरी
शादी भी टूट गई। पर
देखो ना लोगों
ने मुझे कैरक्टरलेस
बना दिया। किसी
ने भी यह पूछना ठीक
नहीं समझा कि मेरे साथ
क्या हुआ? हे ना'
'क्या फर्क पड़ता
है मेरा पति
मुझे शराब पीकर
के मारता था,
पीटता था, मेरा
बलात्कार भी करता
था। पर क्या करूं मेरी
दूसरी शादी थी ना। आप
लोगों की उम्मीद
के हिसाब से
मुझे निभाना चाहिए
था। पर मैं निभा नहीं
पाई, बस यही गलती हो
गई मेरी। गलती
सिर्फ मेरी ही नहीं, मेरे
मां-बाप की भी है।
उन्होंने अपनी बेटी
का साथ जो दिया। उन्हें
तो बल्कि यह
कहना चाहिए था
कि बेटी तुम
चाहो तो सुसाइड
कर लो, पर शादी को
निभाओ'
' सही बात भी
है अगर मैंने
सुसाइड किया होता
तो अभी आप लोग मुझे
बेचारी, बड़ी ही प्यारी बच्ची
थी करते हुए
याद कर रहे होते हैं।
लेकिन मैंने तो
दूसरा कदम उठा लिया समाज
के खिलाफ जाकर
के। तो गलत ही हुई
ना मैं। माफ
कीजिएगा, आप लोगों
को कोई परेशानी
हुई हो तो मेरे कारण।
वैसे भी मैंने
आपका बहुत समय
बर्बाद कर दिया'
नैना की यह
बातें सुनकर के
सारी आंटियां चुपचाप
हो गई। पर इतना जरुर
हैं कि अब नैना कभी
आती दिखती है
तो बेवजह की
कोई बात नहीं
करता।

टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें